शंकराचार्य अपमान प्रकरण राजनीतिक खेल है. जो दिल्ली-लखनऊ में मतभेद को साफ करता है. पंकज चौधरी की नियुक्ति योगी के प्रभाव को कम करने की कोशिश पहली बड़ी कोशिश थी. राजनीतिक समीकरण बदलने के आसार. ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का प्रयागराज में अपमान होने का प्रकरण जितना दिख रहा है, असल में यह उतना है […]
स्वतंत्र भारत की वैचारिक बहस: गांधी बनाम नेहरू
महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के बीच मतभेदों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण समाजवाद से जुड़ा हुआ है। नेहरू जी समाजवाद के प्रबल समर्थक थे और वे मानते थे कि भारत की गरीबी और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण, राज्य नियंत्रित अर्थव्यवस्था और समाजवादी मॉडल अपनाना आवश्यक है। वहीं, महात्मा गांधी […]
