भारतीय साहित्य जगत के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक साहित्य आजतक हर साल की तरह इस साल भी अपनी नई चमक के साथ लौटा है। दिल्ली के हृदय में आयोजित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में यह त्रिदिवसीय साहित्यिक पर्व का आयोजन किया गया। सिर्फ किताबों और लेखकों का मंच नहीं, बल्कि विचारों, बहसों, कविता, कला, संगीत और संस्कृति का विशाल उत्सव देखने को मिला है। इस बार का आयोजन अपनी भव्यता, विविधता और युवाओं की भागीदारी के कारण पहले से ज्यादा सुंदर नज़र आया है। जहाँ पर हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।
