भारतीय हॉकी प्रशंसकों के लिए 2026 की शुरुआत एक रोमांचक और बड़ी खबर के साथ हुई है। हॉकी इंडिया ने आज, 2 जनवरी, 2026 को आधिकारिक तौर पर शोर्र्ड मरीन (Sjoerd Marijne) को महिला टीम का मुख्य कोच नियुक्त करने की घोषणा की है। खेल जगत में मरीन को अक्सर “रियल लाइफ कबीर खान” के रूप में देखा जाता है, क्योंकि उन्होंने फिल्म ‘चक दे! इंडिया’ के कोच की तरह ही एक कमतर आंकी जाने वाली टीम को तराश कर टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल कराया था।

करीब पांच साल बाद, जब टीम इंडिया पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई न कर पाने जैसे कठिन दौर से गुजर रही है, तब इस डच कोच की वापसी ने प्रशंसकों में फिर से पदक की उम्मीद जगा दी है।
टोक्यो के नायक की वापसी: ऐतिहासिक प्रदर्शन का आधार
मरीन का पिछला कार्यकाल (2017-2021) भारतीय महिला हॉकी के लिए क्रांतिकारी रहा। उन्होंने टीम को दुनिया की टॉप 10 रैंकिंग में स्थापित किया और दशकों बाद ओलंपिक सेमीफाइनल तक का सफर तय करवाकर दुनिया को भारतीय हॉकी की ताकत दिखाई। अब हरेंद्र सिंह के इस्तीफे के बाद, मरीन को फिर से उसी ‘जादुई’ प्रदर्शन को दोहराने की जिम्मेदारी दी गई है।
मिशन हैदराबाद: वर्ल्ड कप क्वालीफायर पर नज़र
मरीन की वापसी का सबसे पहला और बड़ा उद्देश्य टीम को आगामी FIH महिला विश्व कप क्वालीफायर के लिए तैयार करना है।
- शेड्यूल: मरीन 14 जनवरी को भारत पहुँचेंगे और 19 जनवरी से SAI बेंगलुरु में ट्रेनिंग कैंप की कमान संभालेंगे।
- लक्ष्य: हैदराबाद में 8 से 14 मार्च, 2026 तक होने वाले क्वालीफायर में जीत हासिल कर वर्ल्ड कप का टिकट पक्का करना।
मजबूत सपोर्ट स्टाफ और विजन
मरीन के साथ अर्जेंटीना के माटियास विला (एनालिटिकल कोच) और वेन लोम्बार्ड (साइंटिफिक एडवाइजर) की भी वापसी हो रही है। अपनी वापसी पर मरीन ने कहा, “मैं नई ऊर्जा और एक स्पष्ट विजन के साथ लौटा हूँ ताकि खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर उनकी पूरी क्षमता हासिल करने में मदद कर सकूँ।”
विवाद और चुनौतियां
कबीर खान के किरदार की तरह, मरीन का सफर भी विवादों से अछूता नहीं रहा। उनकी किताब ‘विल पावर’ में किए गए दावों को लेकर सीनियर खिलाड़ियों के साथ कुछ तनाव की खबरें आई थीं। हालाँकि, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने इन पुराने विवादों से ऊपर उठकर मरीन के अनुभव और उनकी रणनीति को प्राथमिकता दी है ताकि टीम फिर से अपनी खोई हुई लय हासिल कर सके।
