March 9, 2026

गुजरात बजट 2026-27: ₹4.08 लाख करोड़ का बजट, 2030 राष्ट्रमंडल खेलों पर विशेष ध्यान और पर्यटन पर भी फोकस

गुजरात बजट 2026-27: ₹4.08 लाख करोड़ का बजट, 2030 राष्ट्रमंडल खेलों पर विशेष ध्यान और पर्यटन पर भी फोकस गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई

बुधवार 18 फरवरी को गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए गुजरात विधानसभा में ₹4.08 लाख करोड़ का बजट पेश किया. इस बजट में खेल और पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है, खासकर 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों पर. साथ ही 2036 ओलंपिक की मेजबानी की रेस में बने रहने का भी लक्ष्य है.

वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार बजट में 10.2% यानी ₹37,803 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है. बजट की सबसे खास बात यह रही कि 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अहमदाबाद को ओलंपिक रेडी सिटी बनाया जाएगा.

2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयारी

खेल से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए ₹1278 करोड़ की व्यवस्था की गई है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल परिसर और स्टेडियम बनाना शामिल है. खेल विभाग के लिए ₹1331 करोड़ रखे गए हैं, जिसमें से ₹500 करोड़ अहमदाबाद को ओलंपिक रेडी सिटी बनाने के लिए आवंटित किए गए हैं.

खेल सुविधाओं का विकास

सरकार ने खेल के स्तर को बढ़ाने के लिए अलग से ₹165 करोड़ की व्यवस्था की है ताकि विभिन्न जिलों में खेल परिसर बनाए जा सकें. कराई में ओलंपिक स्तर की सुविधाओं के लिए ₹100 करोड़ और गांधीनगर में पारा हाई परफॉर्मेंस केंद्र के लिए ₹70 करोड़ खर्च किए जाएंगे. ₹90 करोड़ की राशि हॉकी स्टेडियम बनाने के लिए रखी गई है, जो विश्व स्तरीय होगा.

2026 गुजरात पर्यटन वर्ष

कनुभाई देसाई ने 2026 को गुजरात पर्यटन वर्ष घोषित करते हुए कहा कि राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से स्थापित किया जाएगा. स्टैचू ऑफ यूनिटी के आसपास की सुविधाओं को बेहतर करने के लिए ₹236 करोड़ दिए गए हैं.

अंबाजी तीर्थ केंद्र के समग्र विकास के लिए ₹300 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें अंबाजी कॉरिडोर मास्टर प्लान भी शामिल है. सोमनाथ और अंबाजी में आधुनिक बस स्टेशन बनाने तथा सोमनाथ को मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाने के लिए ₹447 करोड़ की व्यवस्था की गई है.

शहरी विकास और पर्यावरण

शहरी विकास के लिए स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत ₹16,116 करोड़ रखे गए हैं, जो पिछले साल से 17% अधिक है. पर्यावरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया और इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5% टैक्स छूट जारी रखी गई, जिससे नागरिकों को ₹210 करोड़ की राहत मिलेगी.

सरकार ने ₹978 करोड़ की राशि अतिरिक्त रखी है और उस पर कोई कर भी नहीं लगाया है ताकि आने वाले समय में उसका उपयोग किया जा सके.

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